एक छोटा गरीब लड़का, अपनी पढाई के पैसो के लिए, घर घर जाकर सामान बेचता था. वो रोज मेहनत करता था. और पढाई भी लगन से करता था.
जब भी वो विद्यालय के बाद सामान बेचने निकलता तो उसकी माँ उसे कुछ रोटी बाँध कर दे देती.
एक दिन ऐसे ही जब वो काम पर निकला. तो भोत देर तक घूमते घूमते उसे भूख लगने लगी. आज जब उसने अपनी पोटली देखी तो उसमे कुछ भी नहीं था. शायद माँ भूल गयी थी. या अपनी गरीबी के कारण आज कुछ दे नहीं पाई. पर आज वो थकान से जकड़ गया था.
वो घर में सामान बेचने जाता. सोचता की यहाँ कुछ मांग लू. पर उससे ये नहीं होता. दूसरे घर में जाकर भी वो कोशिश करता. पर कुछ कह नहीं पता. और न ही उन घरो के मालिक, कड़ी धूप गर्मी में बेहाल बच्चे को पानी तक के लिए पूछना मुनासिब समझते.
अंततः लड़के ने फैसला किया की अगले घर में जाकर वो कुछ खाने को पूछेगा. जैसे ही अगले घर का दरवाज़ा उसने खटखटाया, एक औरत बाहर आई.
उसने लड़के को देख ही उसकी हालत जन ली. बहरहाल, लड़के ने विनम्रता से उसे सामान दिखाए. वहां उसकी कोई कमाई तो नहीं हुई. क्योकि उस औरत के घर की हालत भी खस्ता ही थी. लड़के ने बड़ी अदब से पानी पिने की इच्छा जताई, उसे बहुत प्यास लगी थी. भोजन के लिए कुछ मांगने की उसने हिमाकत नहीं हुई.
माता जी अन्दर गयी, और उसके लिए एक glass पूरा दूध लेकर आई. और प्यारे बच्चे को उसने पिने के लिए दिया. लड़के को वो स्त्री बड़ी दयावान लगी. उसने दूध पीकर कहा की मैं आपके इस एक glass दूध की कीमत कैसे चुकाऊंगा?
उस स्त्री ने मुस्कान लेते हुए कहा की उसे पैसे देने की जरुरत नहीं है.
आज लड़के को इंसानियत से परिचय हुआ.
उसने उस स्त्री को धन्यवाद् दिया. और निकल चला.
बहुत साल बीत गए. अब वो छोटा लड़का एक बड़ा doctor बन गया था. और अपने पेशे को बड़ी ही सहजता से निभा रहा था.
एक दिन उसके अस्पताल में एक औरत को लाया गया था. उसकी हालत बहुत ही गंभीर थी.
जब doctor को पता चला की ये औरत उसके पुराने शहर की है. तो वो उसे देखने तुरंत गया. doctor ने जब उसे देखा तो वो उन्हें पहचान गया. ये वही लड़की थी जिसने उसकी मदद की थी, और एक glass दूध दिया था.
doctor ने पूरी जी जान से मेहनत की, और गंभीर स्वास्थ को भी ठीक कर दिया. बहुत ख्याल रखा गया. और अंत में एक दिन जब वो पूरी तरह से ठीक हो गयी तो उन्हें छुट्टी दे दी गयी.
पर अब उस स्त्री को सबसे ज्यादा डर इस बात का लग रहा था की उसके इलाज का खर्चा बहुत हो गया होगा. वो इतने पैसे नहीं दे सकती थी.
bill थामते ही उसने जब पढ़ा, तो उसपर लिखा था:
फ़ीस का भुगतान बहुत पहले ही कर दिया गया था. एक glass दूध से.
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जब भी वो विद्यालय के बाद सामान बेचने निकलता तो उसकी माँ उसे कुछ रोटी बाँध कर दे देती.
एक दिन ऐसे ही जब वो काम पर निकला. तो भोत देर तक घूमते घूमते उसे भूख लगने लगी. आज जब उसने अपनी पोटली देखी तो उसमे कुछ भी नहीं था. शायद माँ भूल गयी थी. या अपनी गरीबी के कारण आज कुछ दे नहीं पाई. पर आज वो थकान से जकड़ गया था.
वो घर में सामान बेचने जाता. सोचता की यहाँ कुछ मांग लू. पर उससे ये नहीं होता. दूसरे घर में जाकर भी वो कोशिश करता. पर कुछ कह नहीं पता. और न ही उन घरो के मालिक, कड़ी धूप गर्मी में बेहाल बच्चे को पानी तक के लिए पूछना मुनासिब समझते.
अंततः लड़के ने फैसला किया की अगले घर में जाकर वो कुछ खाने को पूछेगा. जैसे ही अगले घर का दरवाज़ा उसने खटखटाया, एक औरत बाहर आई.
उसने लड़के को देख ही उसकी हालत जन ली. बहरहाल, लड़के ने विनम्रता से उसे सामान दिखाए. वहां उसकी कोई कमाई तो नहीं हुई. क्योकि उस औरत के घर की हालत भी खस्ता ही थी. लड़के ने बड़ी अदब से पानी पिने की इच्छा जताई, उसे बहुत प्यास लगी थी. भोजन के लिए कुछ मांगने की उसने हिमाकत नहीं हुई.
माता जी अन्दर गयी, और उसके लिए एक glass पूरा दूध लेकर आई. और प्यारे बच्चे को उसने पिने के लिए दिया. लड़के को वो स्त्री बड़ी दयावान लगी. उसने दूध पीकर कहा की मैं आपके इस एक glass दूध की कीमत कैसे चुकाऊंगा?
उस स्त्री ने मुस्कान लेते हुए कहा की उसे पैसे देने की जरुरत नहीं है.
आज लड़के को इंसानियत से परिचय हुआ.
उसने उस स्त्री को धन्यवाद् दिया. और निकल चला.
बहुत साल बीत गए. अब वो छोटा लड़का एक बड़ा doctor बन गया था. और अपने पेशे को बड़ी ही सहजता से निभा रहा था.
एक दिन उसके अस्पताल में एक औरत को लाया गया था. उसकी हालत बहुत ही गंभीर थी.
जब doctor को पता चला की ये औरत उसके पुराने शहर की है. तो वो उसे देखने तुरंत गया. doctor ने जब उसे देखा तो वो उन्हें पहचान गया. ये वही लड़की थी जिसने उसकी मदद की थी, और एक glass दूध दिया था.
doctor ने पूरी जी जान से मेहनत की, और गंभीर स्वास्थ को भी ठीक कर दिया. बहुत ख्याल रखा गया. और अंत में एक दिन जब वो पूरी तरह से ठीक हो गयी तो उन्हें छुट्टी दे दी गयी.
पर अब उस स्त्री को सबसे ज्यादा डर इस बात का लग रहा था की उसके इलाज का खर्चा बहुत हो गया होगा. वो इतने पैसे नहीं दे सकती थी.
bill थामते ही उसने जब पढ़ा, तो उसपर लिखा था:
फ़ीस का भुगतान बहुत पहले ही कर दिया गया था. एक glass दूध से.
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