"एक पुराना ख़त"
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और एक मीठा उलाहना
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" अजी सुनते हो एक बात कहू आपसे ???"
एक 80 साल की पत्नी ने अपने 84 साल के पति से कहा !
पति अपनी पत्नी के करीब आया और बोला हाँ कहो !
पत्नी भावुक होकर बोली, "आपको याद है आपने हमारी शादी से ठीक पहले अपनी माँ को छुपकर एक ख़त लिखा था जिसमे आपने अपने गुस्से का इजहार करते हुए लिखा था की आप मुझसे शादी नहीं करना चाहते। क्यों की आपको मेरा चेहरा पसंद नहीं था" ।
पति ने हैरान होकर पूछा, "अरे वो ख़त तुझे कहा मिला वो तो बहुत पुरानी बात हे" पत्नी आँखों में आंसू भरके बोली, "कल आपके बक्से से मुझे ये पुराना ख़त मिला। मुझे नहीं पता था की ये शादी आपकी मर्जी के खिलाफ हुई थी, वरना में खुद ही मना कर देती " ।
पति ने अपना सर अपनी पत्नी की बांहों में रखा और बोला, अरे पगली उस वक्त तो मैं सिर्फ 12 साल का ही था और मुझे लगा तू मेरे से शादी करके जब आएगी तो मेरे कमरे में मेरे साथ मेरा बिस्तर और तकिये पे सोएगी, मेरे सारे खिलोनो के साथ खेलेगी और मेरी गुल्लक से पैसे भी चुरा लेगी।
लेकिन उस वक्त मैं ये कहा जानता था की तू मेरी जिन्दगी में आकर मेरी जिन्दगी को एक कमरे से बाहर एक घर तक ले जायेगी, ये कहा जानता था की मुझे कपड़ो के बने खिलोनो से कही ज्यादा खुबसूरत और प्यारे खिलोने (हमारे बच्चे) तू मुझे देगी, ये कहा जानता था की मेरी चिल्लर से भरी गुल्लक के
मुकाबले तू मुझे प्यार की बेशकीमती दौलत देगी ।
अब बोल और अब भी कुछ पूछना बाकी हे ? ?
पत्नी ने तसल्ली के साथ कहा "भगवान का शुक्र हे में तो यही समझ रही थी तुम्हे उस पड़ोस वाली से प्रेम था"
पति ने हंसते हुए कहा, "अजी रहने दो कहा वो और
कहा मेरी राजकुमारी.... "
फिर दोनों पत्नी और पति एक दुसरे से लिपट गए प्यार के आखिरी सफ़र की मंजिल अब कुछ ही दूर बची थी उसके बाद एक कहाँ और दूसरा कहाँ ।
दोस्तों इसलिए अपने जीवनसाथी को जीवन में जितना खुश रख सकते हो रखो और जितना प्यार दे सकते हो दो। बिना जीवनसाथी इस जीवन में सब बेकार हे ।
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और एक मीठा उलाहना
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" अजी सुनते हो एक बात कहू आपसे ???"
एक 80 साल की पत्नी ने अपने 84 साल के पति से कहा !
पति अपनी पत्नी के करीब आया और बोला हाँ कहो !
पत्नी भावुक होकर बोली, "आपको याद है आपने हमारी शादी से ठीक पहले अपनी माँ को छुपकर एक ख़त लिखा था जिसमे आपने अपने गुस्से का इजहार करते हुए लिखा था की आप मुझसे शादी नहीं करना चाहते। क्यों की आपको मेरा चेहरा पसंद नहीं था" ।
पति ने हैरान होकर पूछा, "अरे वो ख़त तुझे कहा मिला वो तो बहुत पुरानी बात हे" पत्नी आँखों में आंसू भरके बोली, "कल आपके बक्से से मुझे ये पुराना ख़त मिला। मुझे नहीं पता था की ये शादी आपकी मर्जी के खिलाफ हुई थी, वरना में खुद ही मना कर देती " ।
पति ने अपना सर अपनी पत्नी की बांहों में रखा और बोला, अरे पगली उस वक्त तो मैं सिर्फ 12 साल का ही था और मुझे लगा तू मेरे से शादी करके जब आएगी तो मेरे कमरे में मेरे साथ मेरा बिस्तर और तकिये पे सोएगी, मेरे सारे खिलोनो के साथ खेलेगी और मेरी गुल्लक से पैसे भी चुरा लेगी।
लेकिन उस वक्त मैं ये कहा जानता था की तू मेरी जिन्दगी में आकर मेरी जिन्दगी को एक कमरे से बाहर एक घर तक ले जायेगी, ये कहा जानता था की मुझे कपड़ो के बने खिलोनो से कही ज्यादा खुबसूरत और प्यारे खिलोने (हमारे बच्चे) तू मुझे देगी, ये कहा जानता था की मेरी चिल्लर से भरी गुल्लक के
मुकाबले तू मुझे प्यार की बेशकीमती दौलत देगी ।
अब बोल और अब भी कुछ पूछना बाकी हे ? ?
पत्नी ने तसल्ली के साथ कहा "भगवान का शुक्र हे में तो यही समझ रही थी तुम्हे उस पड़ोस वाली से प्रेम था"
पति ने हंसते हुए कहा, "अजी रहने दो कहा वो और
कहा मेरी राजकुमारी.... "
फिर दोनों पत्नी और पति एक दुसरे से लिपट गए प्यार के आखिरी सफ़र की मंजिल अब कुछ ही दूर बची थी उसके बाद एक कहाँ और दूसरा कहाँ ।
दोस्तों इसलिए अपने जीवनसाथी को जीवन में जितना खुश रख सकते हो रखो और जितना प्यार दे सकते हो दो। बिना जीवनसाथी इस जीवन में सब बेकार हे ।
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