लघु कथा- अबला बनी सवला
चार वहनो मे सबसे वड़ी वला सी खूबसूरत शिवानी की खूबसूरती ही उसकी दुश्मन बन गई । हर कोई उसे पाने की हसरत मन मे पाले हुए था ।कालेज से घर वापिसी पर कुछ मनचलों ने उसे अगवा कर उसके साथ रेप कर दिया ।
बात घर तक पहुंची । " मामला नाजुक है , वात पुलिस तक ले जाएं तो शिवानी व दूसरी बहनो के रिश्तों का क्या होगा । कौन थामेगा इनका हाथ ।" यह सोचकर ही माँ का कलेजा मुँह को आ गया ।
" शिवानी के पापा मैं कहती हूँ कहीं कोई लड़का तलाश कर इसकी शादी कर दो ।" माँ ने मशविरा दिया तो पापा भी सहमत थे ।
हर समय खिलखिलाने वाली शिवानी पत्थर की बेजान सी मूरत बन कर रह गई । अन्य लड़कियों की भाँति उसकी भी शादी कर दी गई लेकिन उस घटना को भूलने के बजाय वह नासूर और भी रिसने लगा ।
निर्भया कांड के बाद उसने भी रेप पीड़ितों की मदद के लिए एक एन जी ओ का गठन किया और अगले ही वर्ष अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उसके एन जी ओ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया ।
देवराज सन्जु
अप्रकाशित एवं मौलिक
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